बुधवार, 13 सितंबर 2017

पितृ श्राद्ध

मान्यता है कि पितरों को पितृ पक्ष में यमराज श्राद्ध ग्रहण करने के लिए पृथ्वी पर भेजते हैं ।
कि पितृ रिण से मुक्ति के लिए पितृ पक्ष में पितृ श्राद्ध करना चाहिए ।
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पितृ पक्ष होता है। मातृ पक्ष क्यों नहीं?
पितृ रिण से मुक्ति चाहिए?  मातृ रिण से नहीं?  क्यों?
यह कैसे पता चले कि पितर कब तक यमराज के चंगुल में रहेंगे? कब छूटकर पुनर्जीवित होंगे ?

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