मान्यता है कि पितरों को पितृ पक्ष में यमराज श्राद्ध ग्रहण करने के लिए पृथ्वी पर भेजते हैं ।
कि पितृ रिण से मुक्ति के लिए पितृ पक्ष में पितृ श्राद्ध करना चाहिए ।
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पितृ पक्ष होता है। मातृ पक्ष क्यों नहीं?
पितृ रिण से मुक्ति चाहिए? मातृ रिण से नहीं? क्यों?
यह कैसे पता चले कि पितर कब तक यमराज के चंगुल में रहेंगे? कब छूटकर पुनर्जीवित होंगे ?
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
बुधवार, 13 सितंबर 2017
पितृ श्राद्ध
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