अधिकतर विद्यार्थी युवक समाजवादी, साम्यवादी होते हैं ।
उम्र के साथ साथ समझदारी बढ़ती है । कुछ लोग मानवतावादी हो जाते हैं ।
बाकी लोग
पूंजी वादी, भोगवादी हो जाते हैं ।
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उम्र
और
समझदारी, चालाकी, स्वार्थ
के बीच
धनात्मक सहसम्बन्ध होता है । याने उम्र के साथ साथ इनमें बढोत्तरी होती है लेकिन कुछ अपवाद होते हैं जिनके दिल में मानवता होती है ।
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