शुक्रवार, 20 अगस्त 2021

धर्म

-धर्म -

यः धारयति सः धर्मः । जो धारण करने योग्य हो उसे धारण करते हैं । पहले मनु स्मृति, कुरान, बाइबिल के बताये नियम का पालन करते थे । अब अपने देश का संविधान ही धर्म होना चाहिए ।

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