सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 9 नवंबर 2017
आस्तिक से नास्तिक
खाली दिमाग में आस्था भरकर आस्तिक बनाया जाता है| सोच समझकर बाद में कुछ लोग नास्तिक बन जाते हैं| जैसे ऋषि चार्वाक, ऋषि जाबालि, गौतम बुद्ध, भगत सिंह, डॉ कोबूर.... .....
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