सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016
धर्म और संविधान
अपने अपने संविधान और अपने धर्म की आलोचना कर आवश्यक सुधार करना चाहिए| दूसरे की आलोचना आवश्यक नहीं|
देश काल परिस्थिति अनुसार संशोधन परिवर्तन होना चाहिए| यदि धर्मों में भी संशोधन होते रहें तो अंत में वह होगा हमारे देश का संविधान|
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