महाभारत, रामायण काल में अंतर्जातीय विवाह होते थे| बाद में जातीय श्रेष्ठता के अहंकार में वृद्धि होने के कारण प्रतिबंधित किया गया| अंतर्जातीय विवाह को भले ही प्रोत्साहन न दे किंतु जाति समाज द्वारा अन्तर्जातीय विवाह करने वाले और उनके परिवार को प्रताड़ित दंडित करना उचित नहीं| समाज के इसी डर के कारण कई युवक युवती आत्म हत्या कर लेते हैं या जाति समाज द्वारा उनकी हत्या कर दी जाती है जिसे आनर किलिंग कहा जाता है| तब यह जानकर बहुत दुख होता है|
कोई जाति समाज किसी की शादी नहीं कराता तो उसे दंडित करने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए|
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