महाभारत, रामायण काल का कथित स्वयम्बर सही माने में स्वयम्बर नहीं था । विवाह के लिये वर वधु चुनने की आजादी नहीं थी ।
उस स्वयम्बर में कन्या के पिता द्वारा आमंत्रित उम्मीदवारों में से जो
शर्त को पूरा करे उसे कन्या वरमाला पहनाती थी । उसके गुण जैसे भी हो, वीर बहादुर होना चाहिये ।
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