रविवार, 2 सितंबर 2018

नागरिक होने का अधिकार

"जो कोई कुछ करता है उसे करने दो तुम क्यों उनको देखते हो?" कुछ भी हो रहा हो निस्पृह बने रहो|
वाह गजब का उपदेश है|
याने कोई रेप करता है कुछ भी करता है हमें क्या|
साधु संतों बाबाओं का यह उपदेश देश दुनियां से कोई मतलब नहीं रखने की शिक्षा देता है|

ऐसे तपस्वी बाबा साधु संत मंदिरों के पुजारी जो देश दुनियां से कोई मतलब नहीं रखते|  जब तक जागते हैं  जप तप, भजन कीर्तन, पूजा पाठ, यज्ञ हवन करते रहते हैं|

ऐसे लोगों को लोकतंत्र में नागरिक होने का, वोट देने का अधिकार होना चाहिए?

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