यादव अभिषेक _ "एक मज़हब आओ ऐसा भी चलाये, जिसमे बस इंसान को इंसा बनाये, सुख दुःख में हो साथ हमेशा हम सारे, खुद भी जीयें औरों को जीना सिखलाये।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सुख दुःख में हो साथ हमेशा हम सारे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016
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