शुक्रवार, 8 नवंबर 2024

एक व्यंग्य

एक व्यंग्य 
हे प्रभू आनंददाता! ऐसा कुछ कीजिए|
 बिना पढ़े लिखे,  ज्ञान हमको दीजिए||

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