सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 21 सितंबर 2024
आस्तिकता नास्तिकता
आस्तिकता बंद मस्तिष्क वाले (जहां प्रश्न जिज्ञासा तर्क नहीं होते) समाज की देन है जो कल्पित है, असत्य पर आधारित है।
नास्तिकता वास्तविक है जो सत्य पर आधारित है जो खुले मस्तिष्क की देन है।
Nice 👍
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