सोचने की बात तो है| तर्क करने से ये आत्मा की धारणा अवैज्ञानिक लगती है झूठ लगती है|
लेकिन आत्मा का पुरजन्म होना यह दर्शन "मृत्यु के बाद क्या ?" का एक खुबसूरत जबाब है| इसे मान लेना मन को सकून देता है, मृत्यु भय को कम करता है| वरना सोच सोच कर कि मृत्यु के बाद क्या होगा? नींद नहीं आती. मन व्याकुल पागल होने लगता है|
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें