विद्यालय का मतलब शिक्षा ज्ञान का केन्द्र होता है. वह भक्ति केन्द्र नहीं होता. भक्ति के लिये मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा होते हैं जहां विज्ञान, तर्क, प्रयोग का कोई महत्व नहीं होता जिसे पवित्र कहा जाता है । वहां जो सुनाया जाता है उसे ही सच माना जाता है ।
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