Praveen Giri -
एक घर में जवान बच्चों ने टीवी पर लगातार देश के पीएम का भाषण में सुना कि 60 वर्षो से सत्ताधारी सरकारों ने कुछ नही किया उन्होंने देश को लूटने का ही काम किया, जिससे कारण देश में तरक्की नहीं हुई है।
तब बच्चों ने अपने पिता से पूछा कि,
पापा क्या ये सत्य हे?
क्या देश की जनता मुर्ख थी ?
जो मतदान पूर्वक ऐसी सरकारे चुनती रही!
अगर सत्ताधारी प्रमुख ऐसे भ्रष्ट थे तो उनको सजा क्यों नही मिली? क्यों आजतक हम इन्हें महापुरुषो में गिनते हे ?
बच्चों के ऐसे सवाल पर पिता ने कहा की बेटा इसकी हकीकत जाननी हे तो एक काम करते हे अपने पूरे परिवार के सदस्य कल बिजली, वाहन, मोबाइल, टीवी, गैस रहित जीवन बिताएंगे।
और इनसे सम्बन्धित किसी भी वस्तु का प्रयोग नही करेंगे
*अगले दिन प्रातः घर की महिलाएं कुए से पानी लाई , थके हाल लकड़ी जलाकर चूल्हे से खाना बनाया , पैदल ही 1 किमी दूर दूकान पर धंधा करने गए , बिना पंखे के गर्मी में बेहाल दूकान में व्यापार किया , आवश्यक होने पर भी व्यापारी और ग्राहक से बात करने मोबाइल का प्रयोग नही कर पाए , रात को पैदल ही थके थके घर आये , घर की महिलाए दिनभर काम करके गर्मी में चूल्हे पर खाना बनाकर लथपथ हो गयी थी फिर लालटेन की रौशनी में सबने खाना खाया।*
अंत में टीवी बन्द होने से जल्दी जब सोने गये लेकिन गर्मी में बिना पंखे की नींद नही आयी *तब घर के सभी सदस्य बोले पापा जी ऐसी जिंदगी तो अब एक पल भी ओर नही जी सकते आगे कभी ऐसा प्रयोग नही करवाना।*
पापा बोले -बेटा तुम एक दिन में ही इतने अधीर हो गए तो सोचो आज से 50-60 वर्ष पूर्व तुम्हारे बाप-दादा ऐसी ही जिंदगी जीते थे। लेकिन
*ये आज की जो इतनी सुविधाओं की जिंदगी देख रहे हो वो हमारी चाहत,मेहनत और 60 वर्षो में देश की सत्ताधारी सरकारों के लगातार प्रयासो से ही प्राप्त हुई है।*
*सड़के, रेलमार्ग, बिजली, हॉस्पिटल, स्कुल, गैस चूल्हे, दूरसंचार, कम्युटर, लैपटॉप जैसी सुविधाओं के साथ साथ अनेकों उपग्रह, चन्द्रयान, मंगलयान और परमाणु ऊर्जा सम्पन्नता इत्यादि सभी कार्य विभिन्न सरकारी प्रयासों से मोदी जी के प्रधानमन्त्री बनने से पहले ही सम्भव हो गई है।*
पिता की बाते सुनकर बेटा बोला - पापा 60 वर्षो में हमारी जिंदगी इतनी बदली अपना देश इतना बदला तो हमारे मोदी जी ऐसा क्यों बोलते हैं कि 60 वर्षों में देश पिछड़ गया!!
पापा बोले- बेटा ये उनकी अज्ञानता है, वे दूसरों से अलग दिखने के प्रयास में अहंकारी हो गए हैं।
*भारत बड़ी आबादी, अनेकों मान्यताओं, भिन्न परिवेश और दूरस्थ ग्रामों में फैला हुआ देश है। जिसका समग्र विकास सबके विकास से ही शनैः शनैः ही होगा। कोई अगर कहे कि 60 दिन में छः महीने में या छः साल में देश का पूरा विकास हो जायेगा तो वह झूठ ही होगा।*
यह हमारा 60 वर्षो का अनुभव है, जिसने इस भारत की विकास यात्रा को देखा है, जिया है और यही सत्य है.
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सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 17 फ़रवरी 2018
कांग्रेस के साठ वर्ष
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